ये तो इब्तिदा* है, अभी अंजाम बांकी है
रहने दो अभी, प्यालों में जाम बांकी है
उसे भूलने की क्या ज़रुरत है भला
अभी उल्फत हमारे, दरमयान बांकी है
किस-किस का नाम लूं कि गम दिया किसने
अभी गिनते रहो, बहुत से नाम बांकी है
कुछ दुश्मनों से अदावत* की बात करनी है
कुछ दोस्तों का अभी एहतराम* बांकी है
ए मौत रुक तो जा थोड़ी और मोहलत दे
कुछेक ख्वाहिश है अभी, कुछेक काम बांकी है
...............................................................................
इब्तिदा* - शुरुआत
अदावत* - दुश्मनी
एहतराम* - सम्मान, स्वागत
रहने दो अभी, प्यालों में जाम बांकी है
उसे भूलने की क्या ज़रुरत है भला
अभी उल्फत हमारे, दरमयान बांकी है
किस-किस का नाम लूं कि गम दिया किसने
अभी गिनते रहो, बहुत से नाम बांकी है
कुछ दुश्मनों से अदावत* की बात करनी है
कुछ दोस्तों का अभी एहतराम* बांकी है
ए मौत रुक तो जा थोड़ी और मोहलत दे
कुछेक ख्वाहिश है अभी, कुछेक काम बांकी है
...............................................................................
इब्तिदा* - शुरुआत
अदावत* - दुश्मनी
एहतराम* - सम्मान, स्वागत
It is awesome..If you really don't mind i would like to give a suggestion..
ReplyDeleteThe fourth couplet is pretty good but if you swap the word "dushmano" and "dosto" the sher will become much more deep in meaning..
Please consider this as a mere suggestion..and I apologies if you don't like it..
These are needless apologies sir. I share my poems on the public forum not only to get praises but also with the view of receiving useful and valuable suggestions. So, you are welcome. Now, about your suggestion I would say swapping the words would really polish the second line "कुछ दुश्मनों का अभी एहतराम बांकी है" but then the first line "कुछ दोस्तों से अदावत की बात करनी है" wont make much sense I guess...
Deletebeautiful expression...
ReplyDeleteShukriya !!
Deleteकाफी दिनों बाद आपको पढ़कर अच्छा लगा। अंतिम दो शेर मुझे बेहद पसंद आए। सकीब भाई की बात से मैं भी सहमत हूँ। चौथे शेर में यह छोटा- सा परिवर्तन एहसास को और निखरकर सामने लाएगा।
ReplyDeleteधन्यवाद....उस सुझाव में मुझे एक दिक्कत ये लगी की दुश्मनों का एहतराम तो बेशक अच्छा लगेगा पर दोस्तों से अदावत की बात का अर्थ क्या निकलेगा...
Delete