Sunday, March 15, 2026

जिस समय ये लगे

जिस समय ये लगे तुमसे सब छिन रहा
जिस समय ये लगे जाने क्या हो रहा
उस समय पास तेरे कोई आएगा
उसको ईश्वर कहो या करिश्मा कहो
ख़्वाब तुमको वो फिर से दिखा जाएगा
जिस समय ये लगे..................

तुमको लगने लगे जब कि सब व्यर्थ है
इस विवश ज़िंदगी का भी क्या अर्थ है
उस समय तेरा मन कोई सहलाएगा
उसको रहबर कहो, या मसीहा कहो
हसरतों का दिया फिर जला जाएगा
जिस समय ये लगे..................

जब धरा पर लगे बस कि अन्याय है
और हस्ती ये दुख का ही पर्याय है
उस समय हाथ देने कोई आएगा 
उसको क़ुदरत कहो, या ख़ुदाई कहो
मन में उम्मीद फिर से जगा जाएगा
जिस समय ये लगे..................

हम तो जीवन ये भ्रम में ही जी सकते हैं
ख़्वाब, हसरत, उम्मीदों पे पल सकते हैं
नीर आंखों से वरना छलक आएगा
आस न हो तो सच इस कदर क्रूर है
ऐसे जीवन नहीं फिर जिया जाएगा 
जिस समय ये लगे..................

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